Sunday, November 25, 2012

Maithil Chhi Mithila Baas Hamar



‪Maithil Chhi Mithila Baas Hamar [ Singer : Rajni Pallavi ]
िमथिलाक विभुित गौतम, याग्यवल्क, गागीॅ जनक आदिक पािण्डत्यपूणॅ वचन आदि काल सॅ॑ विद्यमान छैक। िमथिलाक मदन, ग॑गेश, गोकुलनाथ, रघुनाथ उपाध्याय सॅ॑ लोकनि शिच्छादानी छलाह। गॅ॑गेश उपाध्याय सॅ॑ स्वम वृहस्पितक पूत्र कच न्याय पढ़य आयल रहथि।
िमथिलाक नाम विदेह, तिरहुत, ितरभुिक्त सेहो छैक। सीताक नाम वैदेही मैिथली सेहो रहनि जिनकर जन्म भू-पृथ्वी सॅ॓ भेल छलनि। िशवजीक धनुष राजा जनक के घर मे॑ रहनि जेकरा कोनो राजा नहि उठा सकल मुदा वैदेही-सीता नित्य वामा हाथ सॅ॑॑ उठाकय धनुषक स्थानक निपिया अपना हाथे करैत छलीह
मिथिलाक महान कवी विद्यापति जनिक जन्म कार्तिक धवल त्रयोदशी-१३६४ ई॰ मे मधुबनी जिलान्तर्गत विस्फी गॅ॑ाव मे भेल छलनि । म॑डन-भारती, वाचस्पति, नैनन, बवुजन, कैलाश, चुम्मन आदि न्याय, मिभासा, वैदान्तक मिथिलाक मर्मग्य विद्वान छलाह ।
रॅ॑ाटी-मॅ॑गरौनी-पिलखबार के केन्द्र बिन्दू मानि ५ कोसक त्रिज्या लय जे वृताकार छेत्र होयतैक, मिथिलाक प॑चक्रोसी कहबैत छैक । मिथिलाक सा॑स्कृतिक केन्द्र बिन्दु वैह छैक। आधुिनक भारतक सॅ॑िवधान मे हिन्दू-कोड एकटक विभिन्न धारा उदधृत करबा मे मैथिल विद्वानक सराहनीय योगदान छनि ।

Ke Patiya Lay Jayat Re



‪Ke Patiya Lay Jayat Re [ Singer : Rajni Pallavi ]
A maithili Vidyapati's geet

Damarua He Gaura La Gel Chor



‪Damarua He Gaura La Gel Chor [ Singer : Rajni Pallavi ]
This maithili geet was previously recorded by Smt. Sharda Sinha.

Friday, May 11, 2012

Jai Jai Bhairavi



‪Jai Jai Bhairavi‬ [ Singer : Rajni Pallavi ]
भक्ति परक गीत
मैथिल मूलत: शक्तिक उपासक होइत छथि तै॑ मैथिल अपना के शाक्त कहैत छैथि। जय-जय भैरवि गोसाउनिक वन्दना गीत थिक। एहि भक्ति गीत मे ॔गोसाउनिक विभिन्न मुद्रा आ भावक वर्णन कायल गेल छैक। जय-जय भैरवि अस्तुति गान थिक जेकर रचना महाकवि विद्यापति द्वारा कायल गेल छैक। एहि गीत मे॑ भगवति के काली आ दुर्गाक रौद्र रूपक वर्णन कय हुनका प्रसन्न करबाक चेष्टा कयल गेल छैक। मिथिलाक घर-घर मे॑ गोसाउनिक पूजा होइत छैक। कोनो शुभ कार्यक प्रारम्भ मे॑ गोसाउनिक गीत गयबाक परम्परा छैक तै॑ जय-जय भैरवि गाबि क कोनो शुभ कार्यक प्रारम्भ होइत छैक।
अपना मिथिला समाज मे॑ नवतुरिया सब जय-जय भैरवि बिसरि रहल छथि। हरेक मैथिल के एहि गीतक अभ्यास करय के चाही। येह सोचि एहि गीत के गाबि मैथिलक समक्छ हम प्रस्तुति कय रहल छी। हमर गायन सुनि जॅ॑ मैथिल लोकनि के कनेको प्रेरणा भेटनि त बूझब हमर गायन सफल भेल।

‪Jagdamb Ahin Awlamb Hamar



‪Jagdamb Ahin Awlamb Hamar‬ [ Singer : Rajni Pallavi ]
भक्ति परक गीत
मैथिली गीत मे भक्ति परक गीतक मध्य गोसाउनिक गीत बेस महत्वपूर्ण रहल अछि| एहि मे भगवतीक स्तुति रहैत अछि तथा हुनक ध्यानक संगहि भक्तक सांसारिक क्लेश के दूर करबाक प्रार्थना रहैत अछि| एहि गीत मे भगबतीक प्रार्थना कयल गेल छैक| भक्ति रस सं ओत प्रोत गीत छैक| आशा अछि सुधि श्रोता ओहिना भक्तिरस मे डुबकी लगा भजनक आनंद लेताह|

Sabke Sudhi Aahan Lai Chhi He Ambe



‪Sabke Sudhi Aahan Lai Chhi He Ambe‬ [ Singer : Rajni Pallavi ]
भक्ति परक गीत
मैथिली गीत मे भक्ति परक गीतक मध्य गोसाउनिक गीत बेस महत्वपूर्ण रहल अछि| एहि मे भगवतीक स्तुति रहैत अछि तथा हुनक ध्यानक संगहि भक्तक सांसारिक क्लेश के दूर करबाक प्रार्थना रहैत अछि| एहि गीत मे भगबतीक प्रार्थना कयल गेल छैक| भक्ति रस सं ओत प्रोत गीत छैक| आशा अछि सुधि श्रोता ओहिना भक्तिरस मे डुबकी लगा भजनक आनंद लेताह|

Singh Par Ek Kamal Rajit



‪Singh Par Ek Kamal Rajit‬ [ Singer : Rajni Pallavi ]
भक्ति परक गीत
"सिंह पर एक कमल राजित" माँ दुर्गाक स्तुति थीक | एहि स्तुति मे माँक विभिन्न मुद्राक वर्णन कएल गेल अछि | सिंहक पीठ पर कमलक फूल सुसज्जित छैक आ ओहि पर माँ भगबती विराजमान छथि | उदय कालक सूर्य जकाँ माँक रूप लाल लाल सुन्दर लगैत छनि | दाँत खट खट आ जीह लह लह तथा कान मे कुंडल शोभायमान लगैत छनि | शंख, चक्र, खर्ग जगतारिणी माँक हाथ मे बिराजमान छनि | माँ जगतारिणी अनाथ आ भक्त क' पालन करैत छथिन | उपर्युक्त पाँती मे माय दुर्गाक प्रार्थना कएल गेलैक अछि | माँ अनाथ आ भक्त क' सतत तकैत छथिन |

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